हरियाणा के कांग्रेस विधायक पहुंचे हिमाचल, राज्यसभा चुनाव हुआ रोचक
10 कांग्रेस विधायकों के भाजपा के संपर्क में होने की चर्चा, कांग्रेस क्रॉस वोटिंग रोकने में जुटी

सत्य खबर हरियाणा
RajyaSabha Election : हरियाणा से खाली हो रही राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान में अब केवल दो दिन का समय बचा है। हरियाणा में दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा ने संजय भाटिया को मैदान में उतारा है तो कांग्रेस ने कर्मवीर बौद्ध को अपना उम्मीदवार बनाया है। दूसरे उम्मीदवार के रूप में भाजपा ने सतीश नांदल को अपना समर्थन दिया है।
कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग से बचने के लिए अपने 31 विधायकों को हिमाचल भेज दिया है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत कुल मिलाकर 6 विधायक हरियाणा में ही बने हुए हैं। कांग्रेस के विधायकों की क्रॉस वोटिंग की संभावना के बीच चुनाव काफी रोचक होने की उम्मीद है।
कल देर शाम को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कांग्रेस द्वारा राज्यसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार की जीत के दावे पर कहा कि हर व्यक्ति चुनाव परिणाम से पहले अपनी जीत का दावा करता है लेकिन चुनाव परिणाम ही बताते हैं कि कौन जीता और कौन हारा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने विधायकों को हिमाचल भेजने का फैसला कांग्रेस का अपना फैसला है और हर संगठन अपने तरीके से काम करता है। उन्होंने इस पर किसी प्रकार की टीका-टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
कांग्रेस नेतृत्व की इस पूरी कवायद का संदेश साफ है कि पार्टी इस चुनाव को किसी भी कीमत पर गंवाना नहीं चाहती। विधायकों को हिमाचल भेजना, केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त करना और लगातार रणनीतिक बैठकों का आयोजन इस बात का संकेत है कि पार्टी इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है। अब सबकी नजर 16 मार्च को होने वाले मतदान पर टिकी है, जो यह तय करेगा कि हरियाणा की इस सियासी बाजी में आखिरी चाल किसके पक्ष में जाती है।
हालांकि भूपेंद्र सिंह हुड्डा स्वयं विधायकों के साथ हिमाचल नहीं गए हैं। चूंकि उन्हें केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है और पूरे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है, इसलिए वे चंडीगढ़ में रहकर रणनीतिक गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। हिमाचल रवाना होने से पहले उनके चंडीगढ़ स्थित आवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई।
इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को ही गद्दार बता दिया है। उन्होंने कल पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हमेशा भाजपा की मदद की है। कुलदीप बिश्नोई और किरण चौधरी को इतना परेशान किया गया कि उन्होंने पार्टी को अलविदा कह दिया। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा राज्यसभा चुनाव में पहले खाली बजट पेपर छोड़कर आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि दो बार का मुख्यमंत्री क्या ऐसा कर सकता है? उन्होंने कांग्रेस की हार की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कारण ही कांग्रेस राज्यसभा चुनाव हारेगी। हालांकि इनेलो ने अपने पत्ते अभी नहीं खोले हैं, लेकिन माना जा रहा है कि इनेलो निर्दलीय सतीश नांदल को वोट दे सकती है।
एक ओर जहां कांग्रेस के 31 विधायक हिमाचल दौरे पर रवाना हो चुके हैं और हिमाचल पहुंच चुके हैं वहीं दूसरी ओर राजनीतिक गलियारों में एक निर्दलीय विधायक के हवाले से कहा जा रहा है कि कांग्रेस के 10 विधायक भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं और यह क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं।
बता दें कि वर्तमान के राजनीतिक समीकरणों में निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को जीत के लिए 30 विधायकों के वोटों की जरूरत है। 17 सरप्लस वोट भाजपा के खाते से सतीश नांदल को मिलने वाले हैं। तीन निर्दलीय और दो इनेलो विधायकों को मिला लिया जाए तो कुल 22 वोट होते हैं। ऐसे में उन्हें आठ और वोटों की जरूरत होगी। निर्दलीय विधायक की मानें तो 10 कांग्रेस विधायक उनके संपर्क में हैं।
वर्तमान में हरियाणा में राज्यसभा का चुनाव रोचक दौर में पहुंच चुका है और संजय भाटिया के साथ राज्यसभा में कौन पहुंचेगा इसका फैसला सोमवार शाम को ही हो पाएगा।
#HaryanaCongress #MLAs #Himachal #RajyaSabhaElections #PoliticalUpdate #HaryanviPolitics #ElectionBuzz #CongressNews #PoliticalDrama #HimachalNews #Elections2026 #IndianPolitics #DemocracyInAction #ElectionCampaign #PoliticalStrategy #Voting2026 #PoliticsMatter #NewsHighlights #TrendingNow